मिनिमलिस्ट जीवनशैली और इसके फायदे

मिनिमलिस्ट जीवनशैली, जीवन जीने की उस कला को कह सकते हैं जहाँ आप भौतिक दुनिया में रहते हुए भी अपने आप के साथ जीते हैं। किसी वस्तु का आप पर नहीं आपका वस्तुओं पर नियंत्रण होता है।

वैसे कहने को तो न्यूनतावाद की विचारधारा पश्चिम की देन है लेकिन हमारे देश में अपरिग्रह (Non possessiveness) का सिद्धांत जैन धर्म के ग्रंथों में पहले से ही मिलता है।

मिनिमलिस्ट जीवनशैली खुशियों का द्वार खोलती है।

क्या होती है मिनिमलिस्ट जीवनशैली?

न्यूनतावादी जीवन शैली (Minimalist lifestyle) को एक मन की अवस्था कहा जा सकता है। यह कोई नियम नहीं है। वास्तव में इसका मतलब है कि आपके पास जो भी है जरूरत से ज्यादा है और आप कम से कम में खुश रहते हुए आनंद से अपना जीवन यापन कर सकते हैं।

कोई भी मिनिमलिस्ट कभी इस बात से चिंतित या दुखी नहीं होता कि उसके पास दुनिया में उपलब्ध भौतिक सुख या सुविधाएँ नहीं है। जो है उसी में जीवन जीना सही मायनों में मिनिमलिस्ट जीवनशैली कही का सकती है।

न्यूनतावाद को कई बार नकारात्मक दृष्टि से भी देखा जाता है। लोग यह मानते हैं कि मिनिमलिस्ट होना मतलब चीज़ों का त्याग करना है और उन सभी सुख सुविधाओं का लाभ नहीं लेना जो आधुनिक युग में उपलब्ध है।

कौन होता है न्यूनतावादी?

एक न्यूनतावादी होने का मतलब है कि आप भौतिक चीजों से ज्यादा अपने आप को महत्व देते हैं। इसको ऐसे भी समझ सकते हैं कि एक मिनिमलिस्ट जीवनशैली जीने वाले व्यक्ति के लिए उसकी चाहत से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी आवश्यकताएं हैं। और वह इसी आधार पर किसी चीज़ या सेवा लेने का निर्णय करते हैं।

किसी न्यूनतावादी व्यक्ति के बारे में यह भी धारणाएं होती है कि वह व्यक्ति बिना बिजली और आधुनिक सुख सुविधाओं के जंगल में झोपडी में रहता होगा। हो सकता है कोई मिनिमलिस्ट ऐसा रहना चाहे या रहता भी होगा लेकिन न्यूनतावादी होने के लिए यह बिलकुल भी आवश्यक नहीं है।

कैसे बने न्यूनतावादी ?

कोई व्यक्ति आधुनिक सुख सुविधाओं के बीच रह कर भी मिनिमलिस्ट जीवनशैली को अपना सकता है। व्यक्ति स्वयं ही निर्धारित करता है कि उसे कितना न्यूनतावादी होना है। इसकी शुरुआत घर से ही की जा सकती है। हम घर में पड़े ऐसे अनुपयोगी सामान से छुटकारा पा कर इस जीवनशैली की शुरुआत कर सकते हैं जो सामान लम्बे समय से किसी काम का नहीं है लेकिन फिर भी हमने अपन मोह के कारण उसे संभाल कर रखा हुआ है।

मिनिमलिस्ट व्यक्ति जानबूझ कर अपने जीवन में कम से कम सामान के साथ रहते हैं जो उसकी आवश्यकताओं को अच्छी तरह से पूरा करते हैं। न्यूनतावादी होने के लिए यहाँ पर जानबूझ कर अथवा स्वेच्छा से अपनी चाहतों को कम करना महत्वपूर्ण है। अगर कोई मज़बूरी में संसाधनों का उपयोग नहीं कर पा रहा है लेकिन उसकी किसी चीज़ के उपभोग की इच्छाएं अभी जीवित है तो उसे न्यूनतावादी कहना उचित नहीं होगा।

समय के साथ-साथ विभिन्न चरणों में न्यूनतावादी जीवन शैली की गहराई तक जाया जा सकता है।

क्या संकेत हैं कि आप न्यूनतावादी होने के करीब है?

अगर आप –

  • अनावश्यक चीज़ों के प्रति आकर्षित नहीं होते हैं।
  • कोई अनावश्यक चीज अपने पास नहीं रखते और किसी अनुपयोगी सामान से जल्दी से जल्दी छुटकारा पा लेते हैं।
  • बिना सोचे समझे कोई खरीददारी नहीं करते।
  • आपको अपनी आवश्यकताओं और चाहत के बारे में अंतर् स्पष्ट रूप से पता है।
  • आपको क़र्ज़ लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

क्या मिनिमलिस्ट होना जीवन को उबाऊ बनता है?

वास्तव में यह इसके विपरीत हैं। यह जीवनशैली आपको आजादी देती है और आप अपना समय यात्रा करने , अपने शौक पूरा करने और दोस्तों रिश्तेदारों के साथ बिता सकते हैं।

न्यूनतावाद का मतलब चीज़ों को शून्य करना नहीं बल्कि कम से कम करना है। एक अतिवादी व्यक्ति अपनी चीज़ों को अपने घर के गेराज में ठूंस कर रखता है वही न्यूनतावादी व्यक्ति अपनी भावनाओं से जुडी कुछ वस्तुओं को अपने कक्ष में प्रदर्शित कर आनंदित होता है।

क्या फायदे हैं न्यूनतावादी जीवनशैली के?

न्यूनतावादी जीवन शैली अपना कर जीवन को कई मायनो में आसान बनाया जा सकता है। यह जीवनशैली जीवन को तनावमुक्त बनाने में भी सहायक है।

  • अगर आप न्यूनतावादी हैं तो आपके जीवन में अनावश्यक चीज़ों का कोई स्थान नहीं होता और आप अपना अमूल्य धन बचा सकते हैं।
  • अनावश्यक सामान खरीदने के बजाय आप अपने पैसे अपने जीवन में नए-नए अनुभव प्राप्त करने में खर्च कर सकते हैं।
  • अनावश्यक चीज़ें न होने से उनको सँभालने की चिंता से भी मुक्ति मिल जाती है और घर में ज्यादा जगह होती है या आप छोटे घर में भी रह सकते हैं।
  • आपका अमूल्य समय अनावश्यक चीज़ों की देख-रेख करने में बर्बाद नहीं होता और आप इस अमूल्य समय को लोगों से बेहतर सम्बन्ध बनाने या अन्य रुचिकर कार्यों के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • आपका न्यूनतावादी होना आपके कार्बन फुट प्रिंट को कम करता है अर्थात आपकी जीवन शैली को पर्यावरण के अनुकूल बनता है।
  • मिनिमलिस्ट होना आपको अपने जीवन की बुरी यादों को भुलाने और भविष्य के प्रति आशावादी होने में भी सहायक होता है क्योकि आप उन यादों से जुडी कोई भी वस्तु अपने पास नहीं रखते जो आपको बार-बार अपने बुरे अतीत में ले जाती है।
  • संपूर्ण न्यूनतम जीवन शैली व्यक्तित्व और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है। आप अधिक आत्मविश्वास से आनंद और खुशियों की खोज कर सकते हैं।

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