हम अपने रोज के सामान्य खाने को कैसे पौष्टिक बना सकते हैं?

से तो भारतीय खाना बहुत ही विवधता लिए हुए पौष्टिक होता है लेकिन किसी भी खाने को और पौष्टिक बनाने की संभावनाएं हमेशा होती है। सब्जी, रोटी, दाल और चावल एक आम भारतीय का रोज़ का खाना है इसमें लगभग सारे आवश्यक तत्व मिल जाते हैं लेकिन इसको और भी स्वादिष्ट और पोषक बनाने के तरीके हैं।

सब्जी- हमारी यह कोशिश होनी चाहिए कि मौसमी सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें और भिन्न-भिन्न प्रकार की सब्जियां अपने खाने में सम्मिलित करें।

यह अक्सर देखा गया है कि हम सब्जी तो रोज खाते हैं लेकिन उसमें विविधता नहीं होती और आलू/प्याज की अधिकता होती है। अगर घर पर उगाई हुई ऑर्गनिक सब्जियां हो तो सोने पर सुहागा।

रोटी – रोटी का ख्याल आते ही मन में गेहूं की रोटी आती है लेकिन गेहूं के अतिरिक्त भी कई ऐसे पौष्टिक अनाज होते हैं जिन्हे हम भूलते जा रहे हैं।

ज्वार, बाजरा, जौ, मक्का आदि ऐसे अनाज हैं जिनका आटा अगर गेहूं के आटे के साथ मिला कर या सिर्फ किसी अनाज विशेष की रोटी भी खाने में सम्मिलित की जाए तो रोटी और भी सुपाच्य और पोषक बन जाती है।

दाल – यह अक्सर देखा गया है कि हर क्षेत्र में एक दाल विशेष ज्यादा खायी जाती है जो कि किसी भी दृष्टि से अच्छे स्वस्थ्य के उचित नहीं कहा जा सकता है ।

हर दाल में कुछ विशेष पोषक तत्व होते हैं और एक ही प्रकार की दाल हमेशा खाने से उन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। जो दाल हम नहीं खाते। इससे कुपोषण की समस्या भी हो सकती है। इसलिए भिन्न-भिन्न दालों का समावेश कर हम अपने खाने को और भी पौष्टिक बना सकते हैं।

चावल- चावल वैसे तो दक्षिण और पूर्वी भारत में बहुतायत से खाया जाता है लेकिन उत्तर भारत में भी इसे शौक से खाया जाता है। चावल की भी कई किस्में होती है लेकिन अच्छे स्वाद और खुशबू के कारण बासमती चावल ज्यादा खाया जाता है।

चावल हम तक पहुँचने से पहले अच्छी तरह पोलिश किया जाता है जिसके कारण उसकी ऊपरी सतह पर मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। और यह मुख्यत: कार्बोहाइड्रेट का स्त्रोत बन कर रह जाता है।

चावल के सभी पोषक तत्वों का फायदा लेने के लिए भोजन में ब्राउन राइस को भी सम्मिलित किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के चावल के स्वाद का भी समय समय पर आनद लेना चाहिए।

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